Wednesday, January 2, 2013

किताबें


किताबें हमें समझती हैं... 
और समझाती भी हैं...
किताबें हमें गहराई में ले जाती हैं... 
और आसमान से ऊपर उठाती भी हैं...
किताबों का साथ हमें तन्हाई का अर्थ समझाता है...
और तन्हाई हमें किताबों का अर्थ समझाती है...
किताबें हमें झकझोरती हैं... 
और झंझावातों में सहलाती भी हैं...
किताबें हमें दुनिया से दूर ले जाती हैं...
किताबें हमारी दुनिया बनाती भी हैं...
किताबें हमारी दोस्त होती हैं...
और दोस्ती का अर्थ सिखाती भी हैं...
किताबें हमें पढ़ती हैं...
हमारा अस्तित्व गढ़ती हैं....
इंसान तो हम किताबों के बगैर भी हैं मगर...
किताबें इंसान को इंसान बनाती भी हैं...

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