Tuesday, November 26, 2013

कौन तय करे?

कभी रास्ते, कभी पगडंडियाँ
चलना, कभी दौड़ना
रुकने की फुर्सत नहीं
बढ़ते ही जाना है
कहाँ, क्यों?
कौन तय करे?
बिसात है, पासे हैं
चाल है, पराजय है
खेलता कौन?
कौन तय करे?
ये पाना है, वो भी पाना है
ये हासिल किया
हाय! वो छूट गया
पराजय में शोक, विजय पर अभिषेक
स्पर्धा है क्या?
कौन तय करे?
मृत्यु का अभाव है जीवन
या जीवन का अभाव मृत्यु?
मृत्यु की प्रतीक्षा है जीवन
या जीवन की परिणति मृत्यु?
हर क्षण है जीवन
या प्रति क्षण मृत्यु?
कौन तय करे?